विपक्षी एकता के प्रयासों के बीच माकपा नेता और केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर कहा कि वह 'इंडिया' गठबंधन को मज़बूत करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि भाजपा की मदद कर रहे हैं. विजयन ने यह भी जोड़ा कि 'इंडिया' गठबंधन आज जिस संकट का सामना कर रहा है, उसके पीछे राहुल गांधी का यही रवैया ज़िम्मेदार है.
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विपक्षी एकता के प्रयासों के बीच माकपा नेता और केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर कहा कि वह 'इंडिया' गठबंधन को मज़बूत करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि भाजपा की मदद कर रहे हैं. विजयन ने यह भी जोड़ा कि 'इंडिया' गठबंधन आज जिस संकट का सामना कर रहा है, उसके पीछे राहुल गांधी का यही रवैया ज़िम्मेदार है.
पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर कहा कि आईएनएस बाज़ ग्रेट निकोबार द्वीप के कैंपबेल बे में स्थित भारतीय नौसेना का एक एयर स्टेशन है, जहां मौजूदा रनवे की लंबाई बढ़ाने और एक नौसैनिक जेट्टी के निर्माण की योजनाएं थीं, लेकिन ये लगभग पांच वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी हैं. खबरों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने आईएनएस बाज़ के विस्तार के बजाय गैलेथिया खाड़ी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे को प्राथमिकता देने
पुस्तक अंश : एक ग्रन्थ के रूप में इसकी क्रमागत उन्नति के इतिहास के बावजूद जो सम्भावित प्रश्न इक्कीसवीं सदी के ‘महाभारत’ के श्रोता अथवा पाठक पूछ सकते हैं वह यह है कि, ‘क्या यह विभाजनकारी सामाजिक प्रथाओं को न्यायोचित ठहराता है?’ और यदि ऐसा है तो क्या हमें इसे एक राष्ट्रीय महाकाव्य का दर्जा देना चाहिए?
साल 2024 में संभल के शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के मामले में आरोपी 22 लोगों के ख़िलाफ़ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. इससे पहले 13 मई 2026 को इसी तरह के एक मामले में चार अन्य आरोपियों के ख़िलाफ़ चल रही कार्यवाही पर अदालत ने रोक लगा दी थी.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ हेयर स्ट्रीट थाने में सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. यह मामला नेताजी नगर के रहने वाले तुषार कांति दास की शिकायत पर दर्ज किया गया है. उनका आरोप है कि चुनावी रैली के दौरान बनर्जी के भाषण में भ्रामक बातें थीं, जिसका मकसद शांति भंग करना, सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करना था.
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर अयोध्या में आम तौर पर लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं - यह कि जो कुछ कहा-सुना या किया जा रहा है, उसमें नया क्या है? उसकी शुरुआत तो 22-23 दिसंबर, 1949 को बाबरी मस्जिद में मूर्ति रखे जाने के बाद तभी हो गई थी, जब वहां चढ़ावे के तौर पर अकूत धन आना शुरू हुआ था.
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